अमित शाह की रैली में सुरक्षा के नाम पर महिलाओं के अंडरगारमेंट्स तक किए गए चेक!

भारतीय जनता पार्टी ने महिला वोटरों को लुभाने के लिए साल 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान एक नारा दिया था- ‘बहुत हुआ नारी पर वार, अबकी बार मोदी सरकार।’ इस नारे ने काफी हद तक महिलाओं में यह भरोसा जताया था कि अगर भाजपा सत्ता में आई और नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने, तो उनपर होने वाले होने अत्याचार बंद ना सही, लेकिन थोड़े क्कम जरूर हो जाएंगे। लेकिन अगर पीछे मुड़कर बीते साढ़े चार साल के कार्यकाल पर नजर डालें तो आंकड़े चीख-चीखकर इस बात की तस्दीक करते हैं कि नारी पर होने वाला ‘बहुत’ वार कम होने की बजाय ‘बहुत ज्यादा’ बढ़ गया है। और इंतहा तो इस बात की हो गई है कि अब यह अत्यचार खुद भाजपा के नेताओं की रैलियों में किया जाने लगा है।
मामला छत्तीसगढ़ में भाजपा द्वारा बुलाए गए महिला महा सम्मेलन से जुड़ा हुआ है। राज्य में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर सभी पार्टियों ने वोटरों को लुभाने के लिए अपने-अपने नेताओं को हवा हवाई दावों और खोखले वायदों से भरपूर भाषण देने के काम पर लगा दिया गया। इसी राजनीतिक परंपरा पर अपने पदचिन्ह बढ़ाते हुए अमित शाह ने छत्तीसगढ़ के चरौदा में ‘महिला महा सम्मेलन’ आयोजित की थी। इस आयोजन में अमित शाह एक तरफ तो महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा की डींगें हांक रहे थे और दूसरी तरफ खुद रैली में खुद को काले झंडे दिखाए जाने के डरे हुए थे। डर इतना कि रैली में आने वाली महिलाओं के सम्मान की धज्जियां उड़ाते हुए सुरक्षाकर्मियों ने उनके अंडरगारमेंट्स तक चेक कर डाले।
Image result for अमित शाह महिला महा सम्मेलनअमित शाह की ‘महिला महा सम्मेलन’ में शिरकत करने आई महिलाओं के साथ सुरक्षा के नाम पर हुई इस अभद्रता के चलते पीड़िताओं को बहुत ज्यादा शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा। सम्मेलन में कोई भी महिला अमित शाह को काले झंडे ना दिखा पाए, इसको सुनिश्चित करने के लिए महिला सुरक्षाकर्मियों ने काले रंग की साड़ी, काले रंग का कुत्ता पायजामा, काले रंग की चुनरी, काले रंग का दुप्पटा सब कुछ उतरवा लिया। इतना ही नहीं तो काले रंग का खौफ इतना था कि महिला सुरक्षाकर्मियों ने तो महिलाओं के सारे कपड़े उतरवाकर इतना तक चेक कर लिया कि कहीं किसी महिला ने काले रंग के अंडरगारमेंट्स तो नहीं पहन रखे।
सुरक्षा और काले झंडे दिखाए जाने के भय के नाम पर अमित शाह की रैली में महिलाओं के साथ कि गई इस नीचता को लेकर अब बीजेपी को चौतरफा आलोचना का शिकार होना पड़ रहा है। छत्तीसगढ़ कांग्रेस पार्टी की तरफ से भी इस मामले को लेकर भाजपा और अमित शाह की कड़े शब्दों में निंदा की गई है। इस विषय पर अपनी बात रखते हुए छत्तीसगढ़ कांग्रेस की नेता किरणमयी नायक ने कहा कि जो पार्टी कभी बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ के नारे के साथ सत्ता में आई थी, आज उसी पार्टी से बेटियों को बचाने की नौबत आ पड़ी है। किरणमयी नायक ने कहा,”अभी तक तो युवकों के बेल्ट और मोजे उतरवाए जा रहें थे, लेकिन अब हद पार करते हुए महिलाओं के अंडरगारमेंट्स तक नहीं बख्शा जा रहा हैं।”
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