अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी(AMU) में लगी मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर पर मचा घमासान

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अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी(AMU) में लगी मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर पर मचा घमासान
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी(AMU) एक बार फिर विवादों में है। इस बार विवाद के केंद्र में हैं पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना। विवाद है अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी(AMU) में लगी मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर और इस विवाद को जन्म दिया है सांसद सतीश कुमार गौतम ने। उन्होंने बकायदा एक पत्र लिखकर अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी(AMU) के कुलपति प्रो. तारिक मंसूर से यूनिवर्सिटी के अंदर मोहम्मद अली जिन्ना के तस्वीर के लगे होने का औचित्य पूछ लिया।
सांसद सतीश कुमार का तर्क है कि जब सारी दुनिया यह जानती है कि भारत के बंटवारे में जिन्ना की भूमिका खलनायक वाली रही थी। फिर बावजूद इसके स्वतंत्र भारत के किसी विश्व विद्यालय में देश में हुए सांप्रदायिक खून खराबे के लिए जिम्मेदार शख़्स की तस्वीर कैसे लगी हो सकती है। सांसद सतीश कुमार ने बताया कि उन्हें नहीं पता कि अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) में जिन्ना की तस्वीर क्यों और किस वजह से लगी है। इसलिए AMU में जिन्ना की तस्वीर लगी होने की जानकारी मिलते ही उन्होंने तुरंत इस पर आपत्ति दर्ज कराते हुए AMU के कुलपति को चिठ्ठी लिखी।
सांसद ने अपने पत्र में लिखा है कि अगर वे लोग विश्वविद्यालय में कोई तस्वीरें लगाना चाहते हैं तो उन्हें महेंद्र प्रताप सिंह जैसे महान लोगों की तस्वीर संस्थान में लगानी चाहिए, जिन्होंने यूनिवर्सिटी बनाने के लिए अपनी जमीन दान में दी थी। उधर, अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) के जनसंपर्क कार्यालय के एमआईसी प्रो. शाफे किदवई का कहना है कि मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर यूनिवर्सिटी के छात्रसंघ भवन में लगी है। उन्होंने कहा कि छात्रसंघ एक स्वतंत्र संगठन है, इसलिए AMU इंतजामिया इस मामले में किसी तरह की दखलंदाजी नहीं करता।
दरअसल, अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी की स्थापना साल 1875 में सर सैयद अहमद खान द्वारा हुई। साल 1920 में भारतीय संसद के अधिनियम के माध्यम से इसे केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा दिया गया। भारत-पाकिस्तान विभाजन से पहले वर्ष 1938 में मोहम्मद अली जिन्ना जब अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में आए थे, तब उन्हें छात्रसंघ ने मानद सदस्यता दी थी। छात्रसंघ ने जिन लोगों को मानद सदस्यता दी है, उनकी तस्वीरें छात्रसंघ भवन में लगवाई गई हैं। एएमयू छात्र संघ के अध्यक्ष मशकूर अहमद उस्मानी का कहना है कि जिन्ना की तस्वीर छात्र संघ के सेंट्रल हॉल में लगी है, इसलिए सांसद को वीसी की जगह छात्र संघ से सवाल करना चाहिए था। उस्मानी ने कहा, ‘एएमयू छात्रसंघ की स्थापना 1905 में हुई थी। यह एक स्वतंत्र संस्था है।
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“कुलपति”
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय,
अलीगढ़
महोदय,
आज सूत्रों से ज्ञात हुआ है कि अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर लगी हुई है। मुझे इस बारे में जानकारी नहीं है कि यह तस्वीर एएमयू के किस विभाग में और किन कारणों से लगी हुई है।
कृपया इस संबंध में संपूर्ण जानकारी प्राप्त कर मुझे अवगत कराने का कष्ट करें, साथ ही उन कारणों का भी उल्लेख करें जिनकी वजह से यह तस्वीर अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में लगाने की मजबूरी बनी हुई है, क्योंकि संपूर्ण विश्व जानता है कि मोहम्मद अली जिन्ना भारत और पाकिस्तान के बंटवारे के मुख्य सूत्रधार थे और वर्तमान में भी पाकिस्तान द्वारा गैर जरूरी हरकतें लगातार जारी हैं। ऐेसे में जिन्ना की तस्वीर एएमयू में लगाना कितना तार्किक है।
सधन्यवाद
सतीश कुमार गौतम
सांसद (अलीगढ़)

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