आज विश्व जल दिवस पर हमारे पास कितना है पेयजल?

कल्पना कीजिये अगर आपके घर 1 हफ्ते तक पीने का जाल न आये तो घर की स्थिति कैसी होगी?
क्या आप पानी की अहमियत को समझते हैं?
  • जल ही जीवन है.
  • जल है तो कल है.
  • जल को बचाएँ, कल को बचाएँ.
  • पानी की रक्षा है देश की सुरक्षा
  • पानी है जीवन की आस, पानी को बचाने का करो प्रयास………

ऐसे तमाम नारे हैं जो पानी की अहमियत को दर्शाते हैं, इसके बावजूद हम भारतीय पानी की अहमियत को समझ नहीं पाते हैं. हमारे भारत में आज भी 16 करोड़ लोग ऐसे हैं जिन्हें पीने का साफ़ पानी तक नसीब नहीं हो पाता. संयुक्त राष्ट्र के आँकड़ों की मानें तो दुनिया के हर 9वें शख्स को पीने का साफ़ पानी प्राप्त नहीं हो पाता जिसके कारण लाखों लोग पानी से जुड़ी बीमारियों के शिकार हो जाते है. जिसकी वजह से उनकी मौत हो जाती है. कल्पना कीजिये कि अगर आपके घर 1 हफ्ते तक पीने का पानी न आये तो घर की स्थिति कैसी होगी? क्या आप पानी की अहमियत को समझते हैं?

विश्व जल दिवस

  • जल को लेकर जागरूकता

जल के बिना जीवन की कल्पना कर पाना असंभव है. सचाई यह है कि पीने योग्य पानी धीरे-धीरे कम होता जा रहा है. पानी की बर्बादी और नदियों के दूषित होने की वजह से पीने के पानी की किल्लत लगातार बढ़ती जा रही है.

विश्व जल दिवसकैसे पानी की समस्या को कम किया जा सकता है
  • अगर इंसानों के लिए साफ़ पानी को बचाना है तो पहले हमें अपने इको-सिस्टम(पारिस्थितिकी तंत्र) को सुधारना होगा.
  • पेड़ों का काटना बंद करना होगा. जंगल को फिर से हरा-भरा करना होगा. नदियों और दूसरे जल स्रोतों के आसपास कटाव रोकने के लिए ढेर सारे पौधे लगाने होंगे.
विश्व जल दिवसख़राब सेहत से बचने के लिए पियें शुद्ध जल

शुद्ध पानी के अभाव के चलते दुनिया भर में लाखों लोग पानी से जुड़ी बीमारियों का शिकार होते जा रहे हैं. हर साल लाखों लोगों की ऐसी ही बीमारी से मौत हो जाती है. दुःख की बात यह है कि मरने वालों की संख्या में ज़्यादातर बच्चे होते हैं.
विश्व जल दिवस

संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक पेयजल के बुरे हाल
  • 2 अरब 10 करोड़ लोगों के पास सुरक्षित पेयजल नहीं है।
  • 844 मिलियन लोगों के पास साधारण पानी भी नहीं है।
  • इनमें से करीब 29 करोड़ लोगों को एक बार पानी लाने के लिए 30 मिनट का रास्ता तय करना पड़ता है।
  • 159 मिलियन लोगों को गंदा पानी पीना पड़ता है। इससे बीमारियां होती हैं।
  • 66 करोड़ लोग ऐसे हैं जिनके घर के पास भी स्वच्छ पेयजल नहीं मिलता।
  • दुनिया के कुल क्षेत्रफल के 71 फीसदी हिस्से पर पानी है। इनमें से 97 फीसदी हिस्से पर समुद्र है।
  • दुनिया के कुल ताजे पानी का 69 फीसदी जमी हुई बर्फ के पिघलने से मिलता है। सिर्फ 30 फीसदी ही नदियों या दूसरे जल स्रोतों में है।
  • विश्व में झीलों से सिर्फ 0.26 फीसदी ही पानी मिलता है।
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