इंटरनेट का आविष्कार कब-कैसे-कहाँ हुआ?

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सबसे पहले इन्टरनेट का अविष्कार सन , 1969 में DOD (डिपार्टमेंट ऑफ़ डिफेन्स) द्वारा किया गया था यह इंटरनेट अमेरिकी रक्षा विभाग के द्वारा UCLA के तथा स्टैनफोर्ड अनुसंधान संस्थान कंप्यूटर्स का नेटवर्किंग करके इंटरनेट की संरचना की गई और इन्टरनेट पर सूचना को आदान प्रदान करने के लिए जिस नियम का उपयोग होता है उसे TCP (ट्रांसमिशन कण्ट्रोल प्रोटोकॉल) या IP (इन्टरनेट प्रोटोकॉल) कहते है और यह सारी इन्टरनेट और सन , 1979′ ब्रिटिश डाकघर पहला अंतरराष्ट्रीय कंप्यूटर नेटवर्क बना कर नये प्रौद्योगिकी का उपयोग करना आरम्भ किया।

इस नेटवर्क को ARPN (एडवांस रिसर्च प्रोजेक्ट इन एजेंसी ) ने बाद में इसको करीब 1980 में लॉन्च किया और सन ,1980 में ही बिल गेट्स का आईबीएम के कंप्यूटर्स पर एक माइक्रोसॉफ्ट ऑपरेटिंग सिस्टम लगाने के लिए सौदा हुआ और इन्टरनेट का सही से इस्तेमाल करने के लिए 1984 एप्पल ने पहली बार फ़ाइलों और फ़ोल्डरों, ड्रॉप डाउन मेनू, माउस, ग्राफिक्स का प्रयोग आदि से युक्त “आधुनिक सफल कम्प्यूटर” लांच किया

और इन्टरनेट का सबसे ज्यादा और अस्सानी से इस्तेमाल तो तब होने लगा था जब 1989 टिम बेर्नर ली ने इंटरनेट पर संचार को सरल बनाने के लिए ब्राउज़रों, पन्नों और लिंक का उपयोग कर के वर्ल्ड वाइड वेब बनाया और 1998 में गूगल के आने के बाद इंटरनेट का चेहरा ही बदल गया जिससे आज हम सब वाकिफ हैं।

और एक रिपोर्ट के मुताबिक, इंटरनेट की स्पीड तेज होने पर एक परिवार साल भर में इंटरनेट पर होने वाले खर्च में से करीब 5 लाख रुपये बचा सकता है इसमें सबसे ज्यादा पैसा एंटरटेनमेंट, ऑन लाइन डील, डेली सर्च और ट्रैवल में इस्तेमाल होने वाले इंटरनेट के रूप में बचा सकता है और आज दुनिया में इंटरनेट की सबसे महंगी सेवा तुर्केमेनिस्तान में है।
चलिए इंटरनेट में हुए बदलावों को वर्षों के क्रम अनुसार विश्लेषित करते हैं।

1969 अरपानेट की खोज – इस समय अवधि में इंटरनेट की खोज तो हो गयी थी मगर इसको आप एक शुरुआत मात्र मान सकते हैं। इंटरनेट के असल उपयोग को समझना अभी बाकि था मगर यह बात तो तय थी की कुछ ऐसा खोज लिया गया था जिसका भविष्य के निर्माण में अहम योगदान था।

1972 पहला ईमेल बनाया गया – रे टॉमलिंसन ने पहला ईमेल बनाया वो उस समय बोल्ट नमक संस्था में कार्यरत थे। उनका कहना है की वह उस संस्थान से प्रेरित थे जो उनके फ़ोन का जवाब नहीं देते थे। यही वो व्यक्ति थे जिन्होने @ का इस्तेमाल अपने नाम के बाद इस्तेमाल किया जो सन्देश भेजने वाला इस्तेमाल करता था।

1974 ARPANET को व्यावसायिक किया गया – टेलनेट पहली ऐसी कंपनी बनी जिसने ARPANET का व्यवसायिक इस्तेमाल शुरू किया और बाद में इसे इंटरनेट नाम दिया गया और अन्य लोगों की भी इसमें भागीदारी बढ़ी।

1983 वेबसाइट एड्रेस का सामान्यीकरण – यह वो समय था जब इंटरनेट पर वेबसाइट का ज़माना आ गया था और Domain Name System (DNS) का इस्तेमाल शुरू हो गया था जिसमे .edu, .gov, .com, .mil, .org, .net, और . लगाना अनिवार्य हो गया था नहीं तो उससे पहले वेबसाइट नंबर्स पर कुछ इस तरह चलती थी “123.456.789.10”

1989 में Commercial dial-up को इस्तेमाल में लिया जाने लगा और इसमें विश्व को एक वेबसाइट बना दिया गया जो की आज हास्यप्रद लगता है।

1998 में गूगल के आने के बाद इंटरनेट का चेहरा ही बदल गया जिससे हम सब वाकिफ हैं।

तो यह थी इंटरनेट का आविष्कार की कहानी, उम्मीद करते हैं यह लेख आपके लिए उपयोगी सिद्ध होगा।

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