इन्हीं हरकतों की वजह से रामाधीर सिंह ने कहा था- जब तक सिनेमा है…

हम अब तक नहीं भूले उरी अटैक का दर्द। हमारे जेहन में आज भी जिंदा है सर्जिकल स्ट्राइक का सुकून। और यह बात सिर्फ हमें ही नहीं बल्कि बॉलीवुड वालों को भी पता थी। इसी वजह से उन्होंने हमारे जिंदा इमोशंस को इनकैश करने के लिए ‘उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक’ फ़िल्म बना दी और How is The जोश पूछ-पूछकर 200 करोड़ से ज्यादा की कमाई कर ली।

इसमें गलत क्या है? इसमें गलत तो कुछ नजर नहीं आता लेकिन सब कुछ सही ना होने की बू जरूर आती है। उरी के समय यह बु भले मंद थी, पर इस बार देशभक्ति जैसी पवित्र भावना को मुनाफे का टूल बनाने की कोशिश की बू बहुत ज्यादा बदबूदार निकली। और इसने इस बार इतना ज्यादा गंध मचाया कि फ़िल्म के नाम को लेकर ही जंग झिड़ गई।

जी हां, जितनी सफलता से बॉलीवुड ने ‘उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक’ फ़िल्म बनाकर लोगों के अंदर भरे पड़े गुस्से और खुशी को करोड़ो में इनकैश किया। उसी तरह 14 फरवरी को सेना के जवानों पर पुलवामा में हुए आतंकी हमले, इस हमले के जवाब में भारत द्वारा बालकोट में किया गया एयर अटैक और फिर इसके बाद विंग कमांडर अभिनंदन के पाकिस्तान में युद्धबंदी बन जाने की घटना को भी फिल्मी पर्दे पर उतारकर बॉलीवुड करोड़ो की कमाई करना चाहता है।

आप लोगों को यह जानकर बेहद आश्चर्य होगा कि जिस समय सारा देश भारत और पाकिस्तान के बीच जारी संघर्ष के कारण भारी तनाव में था। उस समय बॉलीवुड वाले एक अलग ही बंदरबांट में लगे हुए थे। यह बंदरबांट मौजूदा हालातों की पृष्ठभूमि पर फ़िल्म बनाने के लिए उसके नाम का पंजीकरण की थी।

दरअसल, 26 फरवरी को मुंबई में इंडियन मोशन पिक्चर्स प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन (IMMPA) की आगामी फ़िल्मों के नाम को लेकर बेहद गंभीर मीटिंग चल रही थी। मीटिंग की बजाय लड़ाई कहना ज्यादा सही होगा। क्योंकि इस मीटिंग में पांच अलग-अलग Production Companies के प्रतिनिधि और प्रोड्यूसर्स बालाकोट, सर्जिकल स्ट्राइक 2.0 और पुलवामा अटैक्स जैसे फ़िल्म टाइटल लेने के लिये लड़ाई लड़ रहे थे।

पहले आपको आश्चर्य हुआ लेकिन अब यह जानकर आपको गुस्सा भी आएगा कि जिस दिन आपकी-हमारी देशभक्ति को कैश करने के लिए इन बॉलीवुड वालों द्वारा ‘पुलवामा पुलवामा: सर्जिकल स्ट्राइक’, ‘वॉर रूम’, ‘हिंदुस्तान हमारा है’, ‘पुलवामा टेरर अटैक’, ‘द अटैक ऑफ़ पुलवामा’, ‘विद लव, फ़्रॉम इंडिया, और ‘एटीएस – वन मैन शो’ जैसे कई नाम रजिस्टर कराये जा चुके थे।l

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