उन्नाव: सुनसान जंगल में महिला के साथ बलात्कर की कोशिश करते लड़कों का वीडियो वायरल

आप और हम बार-बार शर्मशार होते-होते थक जाएंगे लेकिन हमें शर्मशार कर देने वाली खबरों को अंजाम देने वालें दरिंदे अपनी करतूतों को करना जारी रखेंगे। क्योंकि हमारी सरकारें बच्चियों के सशक्तिकरण के लिए ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ और महिलाओं की सुरक्षा के लिए ‘बहुत हुआ नारी ओर अत्याचार अबकी बार मोदी/योगी सरकार’ जैसे नारे बनाकर और गाकर कहीं गायब हो गई है। अगर ऐसा नही होता तो उत्तरप्रदेश के उन्नाव से वायरल हुए वीडियो में हम एक 35-40 साल की महिला को 20-25 साल ले लड़कों का शिकार होते न देखते।

किसी सुनसान जगह पर किसी महिला के साथ इंसान की खाल ओढ़े भेड़ियों की ऐसी करतूत कोई नई घटना नही है। आए दिन हमें ऐसे वीडियो देखने मिल जाते है जिसमें एक महिला अपनी इज़्ज़त-आबरू बचाने के लिए गिड़गिड़ा रही होती है और वहशियों का झुंड उन्हें किसी कुत्ते की तरह नोच रहा होता है।कुछ समय पहले खुद यूपी सरकार ने स्वीकार किया था कि महिलाओं के खिलाफ प्रदेश में अपराध में 33 फीसदी की बढोत्तरी हो गई है। बलात्कार के मामले 26 फीसदी बढ़ गए, महिलाओं पर हमले 40 फीसदी बढ़ गए जबकि महिला उत्पीड़न के मामलों में 99 फीसदी की बढ़ोत्तरी हो गई है।

यह आंकड़े उत्तरप्रदेश में महिलाओं की स्थिति के लिए आइना है। वायरल वीडियो में भी जिस तरह तीन बदमाश महिला के साथ बलात्कार की कोशिश कर रहे है और चौथा बेखौफ होकर अपने दोस्तों के कुकर्म का वीडियो बना रहा है। उससे साफ जो जाता है कि योगी आदित्यनाथ के प्रदेश में इस समय रामराज नही बल्कि गुंडाराज या फिर कहें बलात्कारियों का राज चल रहा है। वरना वीडियो में दिखाए दे रहे लड़कों के हौसले इतने बुलंद नही होते कि पहले वह महिला के साथ गलत काम करते, फिर अपनी ही करतूतों को कैमरे में रिकॉर्ड करते और इसके बाद खुद ही उस वीडियो को वायरल कर देते। यह सब दिखाता है कि उत्तरप्रदेश में अपराधी किस्म के लोग कितने बेखौफ है।

वैसे छेड़छाड़ के इस वीडियो के वायरल होने के बाद वीडियो में दिखाई दे रहे तीन लड़कों में से एक की गिरफ्तारी हो गई है। पुलिस फिलहाल बाकी के दो लड़कों को तलाश रही है और उसका दावा है कि जल्द ही वह उन दो आरोपियों को भी हिरासत में ले लेगी। वीडियो में दिखाई दे रहे तीनो युवक उन्नाव के बताए जा रहे हैं। गौरतलब है कि प्रदेश में भाजपा सरकार महिला सुरक्षा के नाम पर खूब वायदे कर के आई थी। लेकिन अगर आंकड़ो पर गौर करे तो स्थिति पहले से और ज्यादा बदतर हो गई है। अखिलेश सरकार के आखिरी 9 महीनों में जहां महिला अपराध के 33,728 मामले सामने आए थे। वहीं योगी आदित्यनाथ सरकार के पिछले 9 महीनों के दरम्यान 44,936 मामले सामने आ चुके है।

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