चलिए जानते है भारतीय रेल से जुड़ी रोचक जानकारियाँ

क्या आप जानते हैं जिस रेल से हम सफर करते हैं, वह भारतीय रेल खुद अब तक 164 साल का सफर तय कर चुका है। 1854 को शुरू हुआ भारतीय रेल का सफर भारत में अब भी जारी है। भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ भारतीय रेलवे से भारत की 2 प्रतिशत आबादी रोजाना सफर तय करती है। अब जब किसी चीज का इतिहास इतना लंबा रहा है तो जाहिर-सी बात है कि हर बीतते समय के साथ उससे छोटी-बड़ी उपलब्धियां भी जुड़ती ही जाएंगी। इनमे से कुछ खास हैं, कुछ बेहद खास तो कुछ एकदम अविश्वनीय और अकल्पनीय। तो चलिए जानते हैं भारतीय रेल के 164 साल के सफर के दौरान उससे जुड़ी 15 रोचक जानकारियों के बारे में।
1) भारत में रेल व्यवस्था की शुरुआत 16 अप्रैल 1853 को हुई थी। भारतीय रेलवे ने अपना पहला सफर मुंबई से ठाणे के बीच तय किया था। अपने पहले सफर में भाप के इंजन से संचालित 14 डिब्बों वाली ट्रेन ने मुंबई से ठाणे के दरम्यान 34 किलोमीटर का सफर तय किया था। उस समय 400 लोगों ने इस सफर का आनंद उठाया था।
2) भारत की लगभग 2 फीसदी आबादी रोज भारतीय रेल से सफर करती है। भारतीय रेलवे दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा रेलवे नेटवर्क है। 60 हजार से ज्यादा लंबे रेलवे ट्रैक पर लगभग 12 हजार ट्रेन रोजाना दौड़ती है। इतना ही नहीं एक दिन में 6 हजार से ज्यादा मालगाड़ी पटरियों पर दौड़ती हैं। रेलवे के आय का सबसे बड़ा स्रोत भी मालगाड़ी से होने वाली कमाई ही है।
3) रेल सफर में स्टेशन का अपना अलग ही महत्व होता है। स्टेशन के बगैर रेल सफर ऐसा ही है जैसे बिना रंग का चित्र और बिना आत्मा के शरीर। लेकिन एक ट्रेन ऐसी भी है जो अपने गंतव्य के बजाय सफर के बीच आने वाले किसी भी स्टेशन पर नहीं रुकती। त्रिवेंद्रम-निजामुद्दीन राजधानी एक्सप्रेस वडोदरा से कोटा के बीच 528 किलोमीटर का सफर बीच के किसी भी स्टेशन पर रुके बगैर 6.5 घंटे में पूरा कर लेती है। दूसरी तरफ सबसे ज्यादा स्टेशन पर रुकने का रिकॉर्ड हावड़ा-अमृतसर एक्सप्रेस के नाम है। अपने सफर में यह ट्रेन 115 स्टेशनों पर रुकती है।
4) भारतीय रेल से तो आए दिन कोई न कोई नई दुर्घटना जुड़ जाती है। दर्जनों लोगों की मौत और सैकड़ों लोगों के घायल होने की खबर भी अब आम सी होती जा रही है लेकिन 6 जून 1981 को एक ऐसी रेल दुर्घटना घटी थी जिसे आज तक भुलाया नहीं जा सकता। दुर्घटना थी ही इतनी भीषण। आज से 37 साल पहले हुए उस रेल दुर्घटना में बिहार की बागमती नदी में एक यात्री ट्रेन के गिर जाने से करीब 800 लोगों की मौत हो गई। यह दुर्घटना भारत की सबसे बड़ी रेल दुर्घटनाओं में से एक है।
5) आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि आज अगर भारतीय रेल की सारी पटरियों को सीधा जोड़ दिया जाए तो उनकी लंबाई पृथ्वी के आकार से भी 1.5 गुना ज्यादा होगी। इतना ही नहीं भारतीय रेलवे एक दिन में कुल जितनी दूरी तय करती है। वह दूरी पृथ्वी और चंद्रमा के बीच की दूरी से लगभग आठ गुना ज्यादा है। है ना हैरान कर देने वाली जानकारी।
6) भारतीय रेलवे के इतिहास में अब तक किसी ट्रेन ड्राइवर ने ऐसे समय में भी ट्रेन को नहीं छोड़ा जब उन्हें मौत सामने दिखाई दे रही थी। यह तथ्य इस बात को साबित करता है कि भारतीय रेल कर्मचारी रेल यात्रियों के प्रति कितने जिम्मेदार होते हैं। भारतीय रेलवे 15 लाख से ज्यादा लोगों के लिए रोजगार उपलब्ध कराता है। फोर्ब्स पत्रिका के मुताबिक, सबसे अधिक रोजगार उपलब्ध कराने के मामले में भारतीय रेलवे दुनिया मे 9वां सबसे बड़ा जॉब एम्प्लॉयर है।
7) चेन्नई के नजदीक अराकोनम-रेनुगुंटा सेक्शन पर स्थित वेंकटनारासिम्हाराजुवरिपेटा (Venkatanarsimharajuvaripeta) यह भारत में सबसे बड़े नाम वाला रेलवे स्टेशन है। वहीं सबसे छोटे नाम वाला स्टेशन उड़ीसा में स्थित है। इस स्टेशन का नाम स्टेशन ईब (IB) है। उड़ीसा के अलावा गुजरात के आणंद में मौजूद ‘ओड'(OD) स्टेशन का नाम भी सबसे छोटे नाम वाले स्टेशन में शुमार है।
8) भारतीय रेल द्वारा एक ऐसा रेलवे स्टेशन भी बनाया गया है जिसका आधा हिस्सा एक राज्य में आता है और दूसरा हिस्सा दूसरे राज्य में। उस स्टेशन का नाम है नवापुर। यह स्टेशन महाराष्ट्र औऱ गुजरात इन दोनों राज्यों के मध्य आता है। यानि आधा स्टेशन महाराष्ट्र का और आधा स्टेशन गुजरात का।
9) भारतीय ट्रेन में पहले टॉयलेट की व्यवस्था नहीं होती थी। लेकिन अखिल चंद्र सेन नामक एक यात्री द्वारा रेल यात्रा के दौरान ट्रेन में शौचालय की सुविधा न होने के चलते झेली मुसीबतों को लेकर लिखे खत को संज्ञान में लेने के बाद अंग्रेजों ने 1905 से ट्रेन में टॉयलेट बनाना शुरू किया।
10) रेल सफर की सबसे ज्यादा रोचक चीज होती है सुरंग। रेल सफर के दौरान रास्ते में पड़ने वाले सुरंग यात्रियों को सबसे ज्यादा रोमांचित करते हैं। सुरंग जितनी लंबी, अंधेरा उतना घना और रोमांच उतना ज्यादा। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि देश की सबसे बड़ी रेल सुरंग जम्मू-कश्मीर के पीर पंजल में है। जिसकी लंबाई 11.215 किलोमीटर है।
11) लेट लतीफी के मामले में वैसे तो पूरी भारतीय रेल व्यवस्था ही बदनाम है। लेकिन एक ऐसी ट्रेन भी है जिसके नाम पर भारत की सबसे देरी से चलने वाली ट्रेन का ठप्पा लगा हुआ है। इस ट्रेन का नाम है गोवाहाटी-त्रिवेंद्रम एक्सप्रेस है जो सामान्यतः 10 से 12 घंटे लेट ही चलती है। इस वजह से इसे अपना सफर पूरा करने में 60 से 65 घंटे का समय लग जाता है।
12) क्या आप जानते हैं कि देश में सबसे धीमी रफ्तार वाली ट्रेन 10 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चलती है। पहाड़ों से होकर गुजरने वाली इस ट्रेन का नाम है मेट्टुपलायम ओट्टी नीलगीरी पैसेंजर। इसकी गति इतनी धीमी है कि लोग चलती ट्रेन से आसानी से उतर और चढ़ सकते हैं ।
13) डिजिटल मीडिया के दौर में हर चीज हाथों से एक क्लिक दूर है। यह बात ट्रेन पर भी लागू होती है। आप यह जानकर हतप्रभ रह जाएँगे कि भारतीय रेल की वेबसाइट पर 12 लाख प्रति मिनट से ज्यादा हिट होते हैं। इस दौरान अनगिनत साइबर हमले भी होते हैं। बावजूद इसके रेलवे की वेबसाइट अमूमन कभी नहीं रुकती।
14) वैसे तो भारत में लंबी दूरी तय करने वाली ट्रेनों की भरमार है। लेकिन एक ट्रेन ऐसी भी है जो 4273 किलोमीटर जितना लंबा सफर तय करती है। इस ट्रेन का नाम है विवेक एक्सप्रेस। यह ट्रेन डिब्रुगढ़ (असम) से कन्याकुमारी तक की दूरी तय करती है।लंबी दूरी के सफर में अक्सर दो स्टेशनों केबीच की दूरी भी बहुत लंबी होती है। लेकिन नागपुर और अजनी रेलवे स्टेशन के बीच की दूरी सिर्फ तीन किलोमीटर है। जो कि सबसे कम है।
15) भारत मे 7500 से ज्यादा रेलवे स्टेशन हैं। दुनिया में सबसे बड़ा रेलवे स्टेशन पहले तो खड़गपुर(1072.5 मीटर) था। लेकिन अब यह रिकॉर्ड 1366.33 मीटर की लंबाई के साथ गोरखपुर रेलवे स्टेशन के नाम हो गया है।
~ रोशन ‘सास्तिक’
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