नोटबंदी से RBI को भी हुआ नुकसान, नए नोटों की फेरी के लिए ख़र्च किए गए 29 करोड़ रुपए

295

8 नवंबर 2016 की मध्यरात्रि को देश आजतक भूल नहीं पाया है ख़ासकर, विपक्ष। क्योंकि, आज भी विपक्ष नरेंद्र मोदी सरकार के इस फ़ैसले को ग़लत ठहराता है और इसे अघोषित आपातकाल की संज्ञा भी देता है। बता दें कि 8 नवंबर 2016 की मध्यरात्रि से ही 500 और 1000 रुपये की नोटों के चलन पर रोक लगा दिया गया था। अगले दिन सुबह से ही लोगों को नोट बदलने के लिए बैंकों की लाइनों में लगना पड़ा था। इस दौरान आम जनता को नोट की कमी होने और बैंकों से बेहतर सेवा न मिल पाने के कारण कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। ख़ुद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी कतार का रुख किया और मोदी सरकार पर निशाना साधा कि उनकी पार्टी का कोई नेता लाइन में क्यों नहीं खड़ा हुआ। हालांकि, इस नोटबंदी को लेकर कई विवाद खड़े हुए।एक RTI के ज़वाब में एक और बात सामने आई है जो आज तक लोगों को मालूम नहीं था। दरसअल, नोटबंदी के बाद 2000 और 500 के नए नोटों की फ़ेरी के लिए 29.41 करोड़ से ज़्यादा रुपया खर्च हुआ। फ़ेरी के लिए इंडियन एयरफोर्स के अल्ट्रा मॉडर्न ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट C-17 और C-130J सुपर हरक्यूलिस का इस्तेमाल किया गया था। इंडियन एयरफोर्स के ज़वाब के मुताबिक़, इसके फ्रंटलाइन ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट ने करेंसी के बंडल को सिक्युरिटी प्रिंटिंग प्रेस और मिन्ट्स से अनेक जगहों पर पहुंचाने के लिए कुल 91 उड़ाने भरी थी।

RBI और सरकार के आंकड़ों के मुताबिक़, 8 नवंबर 2016 तक 500 के 1716.5 करोड़ नोट और 1000 के 685.8 करोड़ नोट यानी कुल 15.44 लाख करोड़ खपत में थे। यह टोटल करेंसी का 86 फ़ीसदी हिस्सा था जो कि ख़पत में था। अग़र सरकार ने नोटबंदी से पहले ये तैयारी की होती तो ऐसी समस्याएं सामने न आतीं। आपको बता दें कि नोटबंदी के बाद साल 2016-17 में 2000 और 500 के नोटों की प्रिंटिंग के लिए RBI के द्वारा 7965 करोड़ रुपए ख़र्च किये गए। RBI ने ख़ुद कहा था कि साल 2016-17 में उसका इनकम 23.56 फ़ीसदी घट गया जबकि ख़र्च 107.8 फ़ीसदी बढ़ गया।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here