पुणे: 10 महीने में जब्त किया गया 56,000 किलोग्राम से अधिक प्लास्टिक, 41,79,440 रुपये की वसूली

महाराष्ट्र सरकार द्वारा सिंगल-यूज वाले प्लास्टिक और थर्माकोल वस्तुओं पर प्रतिबंध लागू करने के लगभग एक साल बाद ऐसा लगता है कि जमीन पर वांछित प्रभाव नहीं पड़ा है। पिछले कुछ महीनों में नगर निगमों द्वारा जब्त की गई प्लास्टिक की मात्रा से तो यही पता चलता है। हालाँकि, राज्य सरकार ने पिछले साल मार्च में प्रतिबंध लागू किया था। मगर इस प्रतिबंध को जून महीने के आसपास सख्ती से लागू करना शुरू किया गया। मार्च से जून तक समय इसलिए था ताकि प्लास्टिक की जगह लेने वाले वैकल्पिक उत्पाद बाजार में उपलब्ध हो सकें।

पिछले 10 महीनों में पुणे नगर निगम (PMC) और पिंपरी चिंचवड़ नगर निगम (PCMC) ने 56,151.6 किलोग्राम प्लास्टिक आइटम जब्त किए हैं। दोनों नागरिक निकायों (Civic Bodies) ने संयुक्त रूप से 41,79,440 रुपये की एक अच्छी-खासी रकम भी एकत्र की। ये खुलासा उस RTI के जवाब में हुआ है जिसमें The Indian Express ने पुणे में प्रतिबंधित प्लास्टिक के उपयोग के बारे में जानकारी मांगी थी। आरटीआई के जवाब में कहा गया है कि एकत्र किए गए सभी प्लास्टिक आइटम रीसाइक्लिंग के लिए संग्रह केंद्रों को भेजे गए हैं। भले ही प्लास्टिक का उपयोग और प्रचलन काफी हद तक कम हो गया है, लेकिन इस दिशा में और अधिक प्रयासों की आवश्यकता है क्योंकि स्थानीय फेरीवाले और सब्जी विक्रेता प्लास्टिक की थैलियों में अपने सामान पैक करना जारी रखे हुए हैं।

महाराष्ट्र प्लास्टिक और थर्मोकोल प्रोडक्ट्स नोटिफिकेशन (2018) के अनुसार, 50 माइक्रोन से कम के सिंगल-यूज प्लास्टिक के निर्माण, उपयोग, बिक्री, परिवहन, वितरण, थोक या खुदरा बिक्री, और भंडारण या आयात पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इनमें डिस्पोजेबल प्लास्टिक के डिश, कटोरे, कप, प्लेट, ग्लास, फोर्क, चम्मच, कंटेनर, स्ट्रॉ, नॉन-वोवन पॉलीप्रोपीन बैग और पाउच जैसे उत्पाद शामिल हैं। आरटीआई के जवाब में कहा गया है कि PCMC सीमा के भीतर 418 किलो थर्मोकोल एकत्र किया गया था, लेकिन पिछले 10 महीनों में PMC क्षेत्रों से कोई भी थर्मोकोल-आधारित वस्तुएं जब्त नहीं की गईं।

PMC के वे क्षेत्र जिनमें प्रतिबंधित प्लास्टिक की सबसे अधिक मात्रा देखी गई उनमें Hadapsar, Mundhwa, Yerwada, Dhanorie, Wanwadi, Ramtekdi, Warje, Karve nagar, Aundh, Baner और Shivajinagar शामिल थे। पुराने शहर जैसे Bhavani Peth, Kasba Peth, Sinhgad Road और Dhope Patil Road में प्लास्टिक का कम से कम उपयोग हुआ। विशेषज्ञों ने कहा है कि PMC सीमा के भीतर नव-विकसित क्षेत्रों में प्रतिबंधित वस्तुओं के उपयोग की निगरानी एक बड़ी चुनौती साबित हो रही है।

आरटीआई के जवाब में कहा गया है कि PCMC के अधिकार क्षेत्र में पिंपरी-चिंचवड़ लिंक रोड, निगड़ी, प्राधिकरण और थेरगाँव के क्षेत्रों में प्लास्टिक का अधिकतम उपयोग देखा गया, जबकि पिंपल सौदागर, पिंपल गुरव और वाकड के नव-विकसित क्षेत्र Bhosari में न्यूनतम उपयोग हुआ। दरअसल, पिंपल सौदागर में स्थानीय व्यवस्थापकों ने राज्य सरकार के प्रतिबंध पर अपने आदेश जारी करने से पहले ही 2018 की शुरुआत में प्लास्टिक को कपड़े और कागज की थैलियों से बदल दिया था। PMC के विपरीत, पिंपरी-चिंचवड़ के ट्विन टाउन के भीतर के फ्रिंज क्षेत्रों ने अच्छा प्रदर्शन किया और सिंगल-यूज वाले प्लास्टिक के खिलाफ राज्य सरकार के कॉल का अधिक सक्रियता से पालन किया।

~Shravan Pandey

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