पुलवामा शहीदों के परिजनों को 110 करोड़ रुपए दान करना चाहता है ये शख्स, जन्म से हैं नेत्रहीन

राजस्थान के कोटा निवासी मुर्तजा अली हामिद ने पुलवामा हमले में शहीद हुए जवानों के परिवारों के लिए 100 करोड़ रुपए देना चाहते हैं। मुर्तजा ने इसके लिए प्रधानमंत्रा कार्यालय को ई-मेल किया है और प्रधानमंत्री से मिलकर उन्हें ये रूपया देने की ख्वाहिश का इजहार किया है। बहुत जल्द वो ये पैसा पीएम को सौंप सकते हैं। मुतर्जा एक वैज्ञानिक हैं और मुंबई में काम करते हैं। ये रकम उन्हें एक कंपनी के साथ काम करने के लिए मिली है, जिसे उन्होंने शहीदों को देने का फैसला किया है।

जन्म से ही नेत्रहीन
मुर्तजा जन्म से लगभग नेत्रहीन हैं। उनकी आँखें कुछ ही प्रतिशत काम करती हैं। माना जा रहा है कि मुर्तजा का ये दान शहीदों के लिए किसी आम आदमी की ओर से दिया गया अब तक का सबसे बड़ा दान होगा। अपनी इस फैसले को लेकर टाइम्स ऑफ इंडिया अखबार से बातचीत में हामिद ने कहा है कि देश के लिए जिन लोगों ने अपनी जिंदगी कुर्बान करने वालों की मदद के लिए हर नागरिक को खड़ा होना चाहिए।

ऐसे मिला करोड़ों का करार
मुर्तुजा ने फ्यूल बर्न रेडिएशन टेक्नोलॉजी के जरिए किसी भी वाहन को बिना जीपीएस, कैमरा या अन्य किसी उपकरण के ट्रेस किये जाने का अविष्कार किया है। इस अविष्कार के लिए इनको एक कंपनी से बड़े करार के तहत इनको एक सौ दस करोड़ रुपए मिले। जिन्हें वो शहीदों के लिए देने जा रहे हैं।

हामिद ने बताया कि 2010 में जयपुर के एक पेट्रोल पंप पर उस वक्त आग लग गई थी जब एक शख्स ने अपना फोन उठाया। इसपर उन्होंने रिसर्च शुरू की कि आखिर जब कोई शख्स फोन पर बात कर रहा है तो ऐसे में ईंधन आग क्यों पकड़ता है। इसी पर बढ़ते हुए उन्होंने फ्यूल बर्न रेडिएशन टेक्नॉलजी का अविष्कार किया।

मेरे आविष्कार से रुक सकते हैं पुलवामा जैसे हादसे
मुर्तजा हामिद का कहना है कि उनकी खोज को समय पर सरकार से मान्यता मिल जाती तो पुलवामा जैसे भयावह हमले की जांच की जा सकती थी। उनका कहना है कि अपनी खोज को 2016 में सरकार और नैशनल हाइवे अथॉरिटी के सुपुर्द करने का प्रस्ताव उन्होंने दिया लेकिन मंजूरी अक्टूबर 2018 अक्टूबर में मिली, वो भी अधूरी ही मिली है।

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