प्रतिमा और गौशाला में मशगूल योगी’राज! ठंड से ठिठुरे 50 हज़ार स्कूली बच्चों के पैर

28

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार इस हाड़ कंपाती ठंड में आवारा गायों के लिए गौशाला के इंतजाम में पूरी तरह लीन है। लेकिन शायद उसी उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में स्कूली बच्चों की बदहाल स्थिति योगी सरकार के प्राथमिकताओं में नजर नहीं आती।

जी हां, हम ऐसा इसलिए कह रहे हैं क्योंकि एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि आगरा में सरकार-संचालित प्राथमिक और जूनियर हाई स्कूल के करीब पचास हजार बच्चे हाड़ कंपाती ठंड में जूते के बजाय स्लीपर पहनकर स्कूल जाने पर मजबूर हैं।

आश्चर्यजनक रूप से, यह बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा एक स्मारकीय चूक का परिणाम है जो बच्चों को बेमेल जूते की आपूर्ति करता है। हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि इनमें से ज्यादातर जोड़े आकार में मेल नहीं खाते हैं।

इन पब्लिक स्कूलों के शिक्षकों ने दावा किया कि छात्र छोटे आकार के जूते पहनने में असमर्थ थे। बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) ने शिक्षकों पर दोष लगाते हुए जवाब दिया कि वे अन्य स्कूलों द्वारा प्राप्त किए गए लोगों के बेमेल जूते का अदला-बदली कर सकते हैं।

बीएसए आनंद प्रकाश शर्मा ने राष्ट्रीय दैनिक से बात करते हुए कहा कि सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को आस-पास के इलाकों के अन्य स्कूलों से जूते का आदान-प्रदान करने के लिए कहा गया है। उन्होंने कहा कि इन अधिकारियों को उल्लिखित विक्रेता से जूते बदलने के लिए निर्देशित किया गया है और जब वे उन्हें दिए गए निर्देशों का पालन करेंगे तब इस मुद्दे को हल कर लिया जाएगा।

यूनाइटेड टीचर्स एसोसिएशन (यूटीए) द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों से पता चला है कि आगरा शहर में लगभग 2,967 सरकार-संचालित प्राथमिक और जूनियर हाई स्कूल हैं। इन स्कूलों में लगभग 2.60 लाख छात्र पढ़ते हैं। पिछले साल भी उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूलों से ऐसे ही मामले सामने आए थे, जब राज्य में संचालित स्कूलों के छात्रों को बिना जूतों के ठंड का कहर सहना पड़ा था।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here