बदायूं जिला अस्पताल ने एम्ब्युलेंस देने से किया इंकार, तो पत्नी के शव को कंधे पर ले जाने को मजबूर हुआ पति

बदायूं जिला अस्पताल ने एम्ब्युलेंस देने से किया इंकार, तो पत्नी के शव को कंधे पर ले जाने को मजबूर हुआ पति
दिन भर एएमयू, जेएनयू, कांग्रेस, बीजेपी, जिन्ना, सावरकर जैसे मुद्दों पर बात करने के दौरान जब ऐसे खबरों पर नजर पड़ती है, तब दिल और दिमाग इस आत्मग्लानि से भर जाता है कि हम दिनभर कितनी बेकार और फ़िजूल की बातें करते रहते हैं। ऐसी बातें जिसका सामाजिक सरोकार से दूर-दूर तक कोई वास्ता नहीं होता। हम बस अपनी-अपनी बुद्धिजीविता को एक दूसरे से बेहतर बताने के चक्कर में जिंदाबाद-मुर्दाबाद सरीखे मुद्दे चुनकर उसमें ही दिनभर उलझे रहते हैं। और उधर उत्तर प्रदेश के बदायूं में एक जिंदा आदमी अपनी मुर्दा पत्नी को अस्पताल द्वारा एम्ब्युलेंस ना मिलने के चलते अपने कंधे पर लेकर जाने के लिए मजबूर हो जाता है।
बदायूं जिला अस्पताल
हमेशा की तरह इस बार भी भारत के एक कोने से भारत की खस्ता हाल चिकित्सा व्यवस्था को उजागर करती एक खबर आती है। खबर के मुताबिक, संभावित रामराज्य की तरफ बड़ी तेजी से अग्रसर उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में जिला अस्पताल की तरफ से बड़ी लापरवाही कम, अमानवीयता ज्यादा का मामला सामने आया। यहां एक आदमी अस्पताल द्वारा एम्ब्युलेंस की सुविधा ना उपलब्ध कराए जाने की स्थिति में अपनी मृत पत्नी के शव को अपने कंधे पर रखकर ले जाने के लिए मज़बूर हो गया। सादिक को पत्नी के शव को कंधे पर ले जाता देख सड़क किनारे खड़े लोगों और दुकानदारों ने अपनी जेब से पैसे देकर उसके लिए टेंपो की व्यवस्था की।
बदायूं जिला अस्पताल
जानकारी के मुताबिक, मूसाझाग थाना क्षेत्र के मझारा गांव के रहने वाले सादिक ने तबियत खराब होने पर अपनी पत्नी मुनीशा को सोमवार की सुबह बदायूं जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। सुबह भर्ती हुई मुनीशा की दोपहर को इलाज के दौरान मौत हो गई। ऐसा कहा जा रहा है कि सादिक के पास इतने पैसे नहीं थे कि वह निजी वाहन के जरिए अपने पत्नी का शव घर ले जा सके। इल्जाम के तहत सादिक ने जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर आर. एस. यादव को पत्र लिखकर एम्ब्युलेंस की मांग की लेकिन वाहन का इंतजाम नहीं हुआ। इस मामले में जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर नेमि चंद्रा ने बताया कि उन्होंने इस बारे में सीएमएस यादव से पूछा तो पता लगा कि सादिक एम्ब्युलेंस के लिए दरख्वास्त देने के कुछ ही देर बाद वहां से चला गया था। जब अस्पताल में उसकी तलाश की गई तो वह नहीं मिला।
No Comments Yet

Leave a Reply

Your email address will not be published.

युवा देश से जुड़ी समाजिक सरोकार रखने वाली खबर, आम आदमी से जुड़े खास मुद्दों के करीब, बेवज़ह और बेतुके के ड्रामे से दूर, हवा हवाई बातों के इतर जमीनी हकीकत से जुड़ी खबरों को देखने के लिए सब्सक्राइब करे हमारा चैनल युवायु। Contact us: info@uvayu.com