Water Crisis: भारत में पीने के पानी के लिए तय करनी पड़ती है लंबी दूरी

  • राज्य औऱ केंद्र सरकार द्वारा लागू की गई योजनाएं ग्रामीणों तक पहुंचने में असफ़ल रही हैं।
  • सरकारी छात्रावास में रहने वाली लड़कियों को टॉयलेट के लिए रोज 4किमी की दूरी तय करनी पड़ती है।
  • पानी जुटाने के लिए महिलाओं को रोज जंगल के रास्ते होकर 5 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है।

Water Crisis के चपेट में भारत के कई इलाके, पीने के पानी के लिए तय करनी पड़ती है लंबी दूरी। भीषण गर्मी की वजह से देश के कई इलाकों में Water Crisis की समस्या उत्पन्न हो गई है। पानी के अभाव में कहीं लोगों को दूर टॉयलेट के लिए तो कहीं पीने के पानी के लिए जाना पड़ता है।

राजधानी भोपाल से 250 किलोमीटर दूर मध्य प्रदेश के दामोह जिले में टॉयलेट जैसे आधारभूत जरूरत के लिए सरकारी छात्रावास में रहने वाली लड़कियों को रोज 4 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है। इलाके में पानी की भीषण समस्या के कारण उन्हें हाथ में बाल्टी लेकर अपने टीचर और स्टॉफ वर्करों के साथ जाना पड़ता है।

हालांकि, क्षेत्र में दो बोरवेल हैं। मग़र इस बार गर्मी के मौसम के शुरूआत में ही पड़ रही प्रचंड गर्मी की वज़ह से ये बोरवेल सूख चुके हैं। इस वज़ह से इन लड़कियों को इन दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

इसे भी पढ़ें: आज विश्व जल दिवस पर हमारे पास कितना है पेयजल?

खबरों के मुताबिक, यहां गर्मी के हर सीज़न में बोरवेल सूख जाता है, लेक़िन टैंकरों से पानी की आपूर्ति हो जाती थी। मग़र इस बार अभी तक ऐसा नहीं हो पाया है। इस मामले को संज्ञान में लेते हुए जिला कलेक्टर ने उच्च अधिकारियों को मामले से अवगत कराया है। मग़र अभी तक किसी तरह की कोई मदद नहीं मिली है।

यही हाल मध्यप्रदेश के टीकमगढ़ कस्बे की है जहां ग्रामीणों को पीने का पानी लाने के लिए कई किलोमीटर दूर जाना पड़ता है। पानी जुटाने के लिए महिलाओं को रोज जंगल के रास्ते होकर 5 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है। राज्य औऱ केंद्र सरकार द्वारा लागू की गई योजनाएं उन तक पहुंचने में असफ़ल रही हैं।

Water Crisis की वजह से मयूरभंज जिला भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है। भुवनेश्वर से 300 किलोमीटर दूर स्थित इस जिले में महिलाओं को जल के लिए दूर-दराज के इलाकों में जाना पड़ता है। इलाके में पिछले कुछ दिनों से भीषण जल संकट की स्थिति बनी हुई है।

इसे भी पढ़ें: पानी बचाइए: कीमत नहीं, पर कीमती है!

राजधानी रायपुर से 70 किलोमीटर दूर स्थित छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव गांव के ग्रामीणों को जल के लिए रोजाना 5-6 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है। तमिलनाडु के रामेश्वरम में भू-जल स्तर नीचे चला गया है। तापमान बढ़ने की वजह से कई राज्यों के कई जिलों में बोरवेल सूख गए हैं। जिसकी वजह से भीषण जल संकट की स्थिति पैदा हो गई है।

No Comments Yet

Leave a Reply

Your email address will not be published.

युवा देश से जुड़ी समाजिक सरोकार रखने वाली खबर, आम आदमी से जुड़े खास मुद्दों के करीब, बेवज़ह और बेतुके के ड्रामे से दूर, हवा हवाई बातों के इतर जमीनी हकीकत से जुड़ी खबरों को देखने के लिए सब्सक्राइब करे हमारा चैनल युवायु। Contact us: info@uvayu.com