शांतिदूत ‘महबूबा’ और ‘अब्दुल्ला’ की खुली धमकी, Article 370 और Article 35A निरस्त हुआ तो जल जाएगा पूरा देश, आग से न खेले बीजेपी

लोकसभा चुनाव 2019 की शुरूआत में महज 2 दिन का समय बचा हुआ है। बीजेपी ने 8 अप्रैल 2019 को अपना घोषणा पत्र जारी कर दिया। बीजेपी ने अपने घोषणा पत्र में संविधान से Article 35A और Article 370 को निरस्त करने के लिए प्रतिबद्धता दिखाई है।

बीजेपी के इस प्रतिबद्धता से बौखलाई सूबे की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने बीजेपी को धमकी देते हुए जवाब दिया है कि अगर वे Article 35 A और Article 370 को निरस्त करते हैं, तो J & K के साथ पूरा देश जल जाएगा।

यह वही शांतिदूत महबूबा है जो कहती थी कि युद्ध मसले का हल नहीं है। अजीब विडम्बना है कि दूसरों को शांति का पाठ पढ़ाने वाले लोग ख़ुद अशांति की बात करते हैं।

बीजेपी को आग से नहीं खेलना चाहिए

महबूबा ने खुली धमकी देते हुए कहा है कि अगर ये दोनों आर्टिकल रद्द किए जाते हैं तो जम्मू कश्मीर के साथ-साथ पूरे देश में हिंसक प्रदर्शन होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि बीजेपी को आग से नहीं खेलना चाहिए।

महबूबा मुफ्ती ने यह भी कहा कि अगर धारा 370 को खत्म किया जाता है, तो भारतीय संविधान जम्मू और कश्मीर पर लागू नहीं होगा। वह एक जनहित याचिका के बारे में समाचारों का जवाब दे रही थी जो फारुक अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती के भारत विरोधी बयानों के लिए चुनाव लड़ने से रोकने के लिए दिल्ली उच्च न्यायालय में दायर की गई है।

महबूबा मुफ्ती ने कहा कि चुनाव से उन्हें प्रतिबंधित करने के लिए अदालत में समय क्यों बर्बाद किया जा रहा है, Article 370 के निरस्त होने के बाद स्वतः ही उनके चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध लग जाएगा। क्योंकि तब भारतीय संविधान जम्मू और कश्मीर पर लागू नहीं होगा।

यदि आप समझ नहीं रहे हैं, तो आप समाप्त हो जाएंगे। यहां तक ​​कि आपकी कहानी भी इतिहास में नहीं होगी

महबूबा ने कहा, यदि आप समझ नहीं रहे हैं, तो आप समाप्त हो जाएंगे। यहां तक ​​कि आपकी कहानी भी इतिहास में नहीं होगी। इससे पहले, महबूबा मुफ्ती ने कहा था कि अगर Article 370 और Article 35 A को रद्द कर दिया जाता है, तो भारत जम्मू और कश्मीर में एक व्यावसायिक शक्ति बन जाएगा।

महबूबा की इस धमकी के बाद एक और शांतिदूत फ़ारूक़ अब्दुल्ला ने अपने चेहरे पर पड़े शांति के नक़ाब को उतार फेंका और खुलेआम धमकी दी। फ़ारूक़ ने अल्लाह के नाम पर कसम ख़ाकर कहा कि अगर Article 370 निरस्त कर दिया जाता है तो कश्मीर भारत से अलग हो जाएगा और वह राज्य में भारतीय झंडे को नहीं फहराएगा।

इससे पहले अलगाववादियों के प्रति सहानुभूति रखने वाली महबूबा मुफ्ती ने Article 370 को भारत और जम्मू-कश्मीर के बीच एक पुल की संज्ञा दी थी और कहा था कि अगर पुल टूट गया तो मुस्लिम बहुल राज्य देश के साथ क्यों रहना चाहेंगे।

जम्मू-कश्मीर के लोग तिरंगे से अलग झंडा उठा सकते हैं

Article 35A के खत्म होने की संभावना पर रोष जताते हुए मुफ्ती ने इसी तरह की धमकी देते हुए कहा था कि अगर इस प्रावधान को जोड़ने के साथ छेड़छाड़ की गई तो भारत आजादी के बाद सबसे बुरा समय देखेगा। जम्मू-कश्मीर के लोग तिरंगे से अलग झंडा उठा सकते हैं।

जाहिर तौर पर, जम्मू-कश्मीर के लोगों की तुलना में अधिक समय तक ऐसे राजनेता ही सत्ता का भोग करते रहे हैं। जो इस बदलाव की संभावना से खतरा महसूस कर रहे हैं क्योंकि उन्हें पता है कि वे शायद जम्मू-कश्मीर के लोगों के लिए अप्रासंगिक हो जाएंगे और साथ ही साथ बाकी देश के लिए भी उनकी अहमियत नहीं रह जाएगी।

~Shravan Pandey

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