Delhi: 10,000 से अधिक सरकारी अस्पताल बेड्स में से केवल 348 में ही वेंटिलेटर

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दिल्ली में सबसे बेहतरीन सुविधा देने का दावा करने वाली अरविंद केजरीवाल सरकार को उस वक़्त झटका लग गया जब उनके राज्य में सरकारी अस्पतालों की दयनीय स्थिति सामने आई। दिल्ली उच्च न्यायालय ने बुधवार, 13 फरवरी को क्रिटिकल ऑब्जरवेशन में कहा कि यह “चिंताजनक” है कि देश की राजधानी में AAP सरकार द्वारा संचालित सभी अस्पतालों में 10,000 से अधिक बेड का 10% भी इंटेंसिव केयर यूनिट ( ICU) सेक्शन के तहत नहीं है। ऐसा कहते हुए इस कमी को दूर करने की आवश्यकता पर जोर दी गई है।

ICU बेड्स का निराशाजनक प्रतिशत

हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार द्वारा संचालित 33 अस्पतालों में केवल 10,059 बेड्स हैं। इनमें से केवल 348 बेड्स फंक्सनल वेंटीलेटर से सज्जित हैं। इस तरह से इनका प्रतिशत 3.4% होता है जो 10% के मिनिमम रिक्वायरमेंट से बहुत कम है। चीफ जस्टिस राजेंद्र मेनन और वी के राव की एक पीठ को सार्वजनिक और निजी अस्पतालों में ICU और वेंटिलेटर बेड की संख्या दिखाई गई।

तब बेंच ने चिंता जताते हुए कहा कि यह देखकर आश्चर्य होता है कि दिल्ली के सभी सरकारी अस्पतालों में 10,000 से अधिक बेड हैं, जिसमें केवल 348 ICU बेड हैं। इस बेंच से यह भी कहा गया था कि दिल्ली के सभी सरकारी हॉस्पिटल में 400 के करीब वेंटीलेटर बेड्स हैं। इनमें से 52 बेड्स फंक्शनल नहीं हैं इन्हें रिपेयर करने के प्रयास जारी हैं। इस बात का भी जिक्र किया गया था कि 18 बेड्स की खरीद की प्रक्रिया प्रोसेस में है।

इससे पहले इसी महीने कोर्ट ने आम आदमी पार्टी सरकार से कहा था कि वह बेड्स और अन्य सुविधाओं की टैली सरकार की वेबसाइट पर मुहैया कराये। हाई कोर्ट का आर्डर तब आया है जब एक अधिवक्ता अशोक अग्रवाल ने हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस को एक पत्र लिखा जिसमें शिशु की मौत की घटना पर जोर दिया गया।

इस शिशु की मौत वेंटीलेटर की कमी के कारण हुई थी। सुनवाई के समय कोर्ट ने प्राइवेट हॉस्पिटल्स को आंकड़े देने का आदेश दिया है। कोर्ट ने समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए उनके अस्पतालों में सभी खाली बेड्स और उपलब्ध वेंटीलेटर के आंकड़े देने के लिए कहा है।

क्या कहते हैं अधिकारी?

दिल्ली सरकार के अतिरिक्त स्थायी वकील, अधिवक्ता सत्यकाम ने एक हलफनामा दायर किया जिसमें कहा गया है कि दिल्ली राज्य स्वास्थ्य मिशन के राज्य कार्यक्रम अधिकारी से 31 जनवरी को लिखे गए पत्र द्वारा सार्वजनिक अस्पतालों में ऑनलाइन बेड / वेंटीलेटर उपलब्धता की जानकारी के लिए एक वेब पोर्टल तैयार करने का अनुरोध किया गया है। कुछ महीनों में ही उन्हें फंक्शनल बनाने के लिए प्रयास किये जा रहे हैं।

आम आदमी पार्टी सरकार के देश की राजधानी में सरकारी अस्पताल में खाली पड़े बेड और वेंटिलेटर के बारे में वास्तविक समय की जानकारी के बारे में एक रिपोर्ट में कहा गया है, “शुरुआती चरण में इसे लागू करना संभव नहीं होगा”, जिसमें अस्पताल हर सुबह बेड्स की उपलब्धता के बारे में अपलोड करेंगे।

~Shravan Pandey

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