Fact Box: मजदूरों को समर्पित मजदूर दिवस या मई दिवस के बारे में रोचक तथ्य, कैसे हुई इस दिवस की शुरुआत, क्या है महत्ता?

आज पूरा विश्व मजदूर दिवस या मई दिवस मना रहा है। मजदूर दिवस या मई दिवस मजदूर या श्रमिक वर्ग मनाते हैं। कई देशों में इस दिन वार्षिक सार्वजनिक अवकाश होता है।

19वीं शताब्दी में संयुक्त राज्य अमेरिका में मजदूर संघ के आंदोलन में मजदूर दिवस की उत्पत्ति हुई थी, जब उद्योगपति श्रमिक वर्ग का शोषण करते थे और दिन में 15 घंटे काम करवाते थे।

श्रमिकों ने इस शोषण के खिलाफ अपनी आवाज उठाई और श्रमबल के लिए वैतनिक अवकाश, उचित मजदूरी और ब्रेक की मांग की। आठ घंटे के श्रम आंदोलन ने काम के लिए आठ घंटे, मनोरंजन के लिए आठ घंटे और आराम के लिए आठ घंटे की वकालत की।

मजदूर दिवस 2019 का थीम है “Uniting Workers for Social and Economic Advancement”. मजदूर दिवस या मई दिवस दुनिया भर में श्रमिकों की कड़ी मेहनत का सम्मान करता है और उनकी उपलब्धियों का जश्न मनाता है।

तो आइए मजदूर दिवस या मई दिवस से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण रोचक तथ्यों पर प्रकाश डालते हैं-

1. मजदूर दिवस शिकागो में आठ घंटे के कार्यदिवस का समर्थन करने के लिए एक विरोध अभियान के रूप में शुरू हुआ।

2. 1 मई 1886 को मजदूरों ने कार्यदिवस को आठ घंटे की शिफ्ट में बदलने के लिए संयुक्त राज्य भर में सड़कों पर विरोध प्रदर्शन किया।

3. मजदूर दिवस सालाना श्रमिकों की उपलब्धियों का जश्न मनाता है। जबकि इस दिवस की अलग-अलग देशों के लिए अलग-अलग कहानी है। मजदूर दिवस का मुख्य कारण श्रमिक वर्ग के साथ होने वाला अनुचित व्यवहार है।

4. आठ नंबर को अक्सर ऑस्ट्रेलिया में कई संघ भवनों पर आठ घंटे के कार्य दिवस के रूप में देखा जाता है। 888 प्रतीक वाले गोल्डन ग्लोब की विशेषता वाले आठ-घंटे के स्मारक को 1903 में मेलबर्न के स्प्रिंग स्ट्रीट में बनाया गया था।

5. मजदूर दिवस या मई दिवस को भारत में Antarrashtriya Shramik Diwas या Kamgar Din कहा जाता है। इसे अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस या सिर्फ श्रमिक दिवस भी कहा जाता है।

6. भारत में पहला मजदूर दिवस या मई दिवस 1923 में मनाया गया था। लेबर किसान पार्टी ने चेन्नई (तब मद्रास) में मई दिवस समारोह का आयोजन किया था। इनमें से एक ट्रिप्लिकेन बीच पर आयोजित किया गया था और दूसरे को मद्रास उच्च न्यायालय के सामने समुद्र तट पर आयोजित किया गया था।

~Sharvan Pandey

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