Indian National Army के 4 सदस्यों ने गणतंत्र दिवस परेड में लिया हिस्सा

26 जनवरी को भारत ने गणतंत्र दिवस ( Republic Day ) मनाया। इस दौरान आयोजित परेड में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की Indian National Army (INA) के चार दिग्गजों ने भाग लिया। Indian National Army के इन सभी दिग्गजों की उम्र 95 वर्ष से अधिक है। इन चारों दिग्गजों का नाम परमानंद यादव ( Parmanand Yadav ), लालती राम ( Lalti Ram ), हीरा सिंह ( Hira Singh ) और भागमल ( Bhagmal ) है। नेताजी सुभाष चंद्र बोस के एक हड़ताली काले और सफेद चित्र के रूप में, ये चारों एक खुली जीप में बैठकर समारोह में भाग ले रहे थे। उस जीप के बगल में ब्लैक एंड वाइट में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की तस्वीर लटकी हुई थी।

खास बातें:-

1. ऐसा पहली बार हुआ है जब Indian National Army के चार दिग्गजों ने Republic Day Parade में हिस्सा लिया।

2. चारों दिग्गजों का नाम परमानंद यादव, लालती राम, हीरा सिंह और भागमल है।

3. Indian National Army द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान 1942 में दक्षिण पूर्व एशिया में भारतीय राष्ट्रवादी राश बिहारी बोस ( Rash Behari Bose ) द्वारा गठित एक सशस्त्र बल था।

Indian National Army द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान 1942 में दक्षिण पूर्व एशिया में भारतीय राष्ट्रवादी राश बिहारी बोस ( Rash Behari Bose ) द्वारा गठित एक सशस्त्र बल था। बाद में, नेताजी ने ब्रिटिश सेना के खिलाफ लड़ने के लिए इस सेना की कमान संभाली। यह पहली बार हुआ है जब Indian National Army के दिग्गजों को गणतंत्र दिवस ( Republic Day ) परेड का हिस्सा बनने के लिए आमंत्रित किया गया है। इन दिग्गजों को आमंत्रित करने के निर्णय को देश की स्वतंत्रता के लिए नेताजी सुभाष चंद्र बोस और Indian National Army के सदस्यों के योगदान को स्वीकार करने के लिए केंद्र सरकार के प्रयासों के हिस्से के रूप में देखा जा रहा है।

प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता सेनानी के 75वें वर्ष को चिह्नित करने औऱ नेताजी सुभाष चंद्र बोस को श्रद्धांजलि देने के लिए अंडमान और निकोबार में तीन द्वीपों का नाम बदलने के बाद उनके करीबियों को आमंत्रित करने का कदम उठाया। रोस द्वीप ( Ross Island ), नील द्वीप ( Neil Island ) और हैवलॉक द्वीप ( Havelock Island ) का नाम बदलकर क्रमशः नेताजी सुभाष चंद्र बोस द्वीप, शहीद द्वीप और स्वराज द्वीप कर दिया गया है। पीएम मोदी ने कहा था, “जब स्वतंत्रता संग्राम के नायकों की बात आती है, तो हम गर्व के साथ नेताजी सुभाष चंद्र बोस का नाम लेते हैं। आजाद हिंद ( Azad Hind ) सरकार के पहले प्रधानमंत्री सुभाष बाबू ने अंडमान की धरती पर भारत का स्वतंत्रता संकल्प कराया था।”

~Shravan Pandey

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