जानिए क्यों PRC की आग में जल रहा है Arunachal Pradesh

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Arunachal Pradesh के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने कहा है कि उनकी सरकार अरुणाचल प्रदेश के गैर-मूल निवासियों को स्थायी निवासी प्रमाण पत्र ( PRC ) देने का मुद्दा फिर से नहीं उठाएगी। उनका यह बयान रविवार को ईटानगर में उनके निजी आवास को जलाने की कोशिश के बाद आया है। प्रदर्शनकारियों ने इससे पहले उप मुख्यमंत्री और जिला आयुक्त के आवास को जला दिया था।

मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने अपने बयान में कहा कि राज्य छह समुदायों को “भविष्य में भी” स्थायी प्रमाण पत्र ( PRC ) देने की सिफारिशों को पूरा नहीं करेगा। पेमा खांडू ने कहा, “मैं उन सभी लोगों से अपील करना चाहूंगा कि उनकी मांग को 22 फरवरी को ही सरकार ने स्वीकार कर लिया था। PRC मुद्दा बंद कर दिया गया है। मैं प्रदर्शनकारियों से अनुरोध करता हूं कि वे विरोध प्रदर्शन या धरना न करें और सरकार का सहयोग करें।”

आखिर PRC की आग में क्यों जल रहा है Arunachal Pradesh

Arunachal Pradesh में विरोध प्रदर्शन का आयोजन राज्य सरकार द्वारा नियुक्त एक पैनल, जॉइंट हाई पॉवर कमिटी ( JHPC ) की सिफारिशों पर किया जा रहा है। पैनल ने सिफारिश की है कि छह समुदाय जो अरुणाचल प्रदेश में दशकों से रह रहे हैं, लेकिन राज्य के मूल निवासी नहीं हैं, उन्हें स्थायी निवासी प्रमाणपत्र दिया जाना चाहिए। ये छह समुदाय हैं: देवरिस ( Deoris ), सोनोवाल ( Sonowal ), काचरिस ( Kacharis ), मोरान ( Morans ), आदिवासी ( Adivasi ) और मिशिंग ( Mishing )।

ईटानगर में पुलिस फायरिंग में अब तक दो लोगों की मौत हो गई है। शुक्रवार रात को 50 से अधिक वाहन जला दिए गए और 100 वाहन क्षतिग्रस्त कर दिए गए। हुए पत्थरबाजी में पुलिस कर्मचारियों समेत करीब 35 लोग घायल हो गए। शनिवार को उपमुख्यमंत्री Chowna Mein के आवास को प्रदर्शनकारियों ने जला दिया।

बाद में उन्हें सुरक्षा कारणों से ईटानगर से बाहर भेज दिया गया। पुलिस अधीक्षक स्तर का एक अधिकारी भी घायल हो गया है और ईटानगर में जिला आयुक्त के आवास पर तोड़फोड़ की गई है। शुक्रवार को ईटानगर में पांच सिनेमाघरों को भी जला दिया गया। नागालैंड के एक संगीत बैंड ने एक फिल्म समारोह में भाग लिया था। प्रदर्शनकारियों ने उनकी कार और उपकरणों को जला दिया। सेना को बुलाया गया है और वह राज्य की राजधानी में फ्लैग मार्च कर रही है।

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने रविवार को कहा कि अरुणाचल प्रदेश सरकार ने गैर-अरुणाचली समुदायों को PRC देने के लिए उच्च-स्तरीय समिति की सिफारिशों को स्वीकार नहीं करने का फैसला किया है। रिजिजू ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश सरकार ने नामसाई और चांगलांग जिलों में रहने वाले छह समुदायों को PRC देने के लिए जॉइंट हाई पॉवर कमिटी की सिफारिशों को स्वीकार नहीं करने का आदेश पारित किया है।

अरुणाचल के सीएम ने भी ट्विटर का सहारा लिया और कहा: “वर्तमान स्थिति को ध्यान में रखते हुए, सरकार ने वर्तमान विधानसभा सत्र में PRC मामले को नहीं लेने का फैसला किया है।” शक्तिशाली समूहों और संगठनों को लगता है कि इन छह समुदायों को स्थायी निवास देने से राज्य के स्वदेशी लोगों के अधिकारों और हितों में बाधा आएगी।

~Shravan Pandey

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