Mamta Vs CBI: सुप्रीम कोर्ट का आदेश, राजीव कुमार से सवाल कर सकती है CBI, मगर अरेस्ट नहीं कर सकती

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सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल में चल रहे सियासी ड्रामे पर CBI द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए आदेश दिया है कि CBI राजीव कुमार से पूछताछ कर सकती है मगर उन्हें अरेस्ट नहीं कर सकती। सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार को आदेश दिया है कि वह Saradha Chit Fund Case में CBI का सहयोग करें।

लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने यह भी साफ़ कर दिया कि राजीव कुमार के साथ गिरफ्तारी सहित कोई भी कठोर कदम नहीं उठाया जा सकता है। भारत के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई के नेतृत्व वाली पीठ ने मंगलवार को कहा, “हम राज्य के मुख्य सचिव और डीजीपी को 18 फरवरी को या उससे पहले अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश देते हैं।”

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी राजीव कुमार से पूछताछ करने की CBI की कोशिशों के खिलाफ धरने पर बैठी हैं। ममता बनर्जी ने कहा कि अदालत का फैसला एक “नैतिक जीत” है। “राजीव कुमार ने कभी नहीं कहा कि मैं उपलब्ध नहीं रहूंगा। CBI गिरफ्तार करने आई थी। अदालत ने कहा कि कोई गिरफ्तारी नहीं होगी।” ममता बनर्जी सरकार CBI द्वारा कोलकाता पुलिस प्रमुख के दरवाजे पर रविवार रात को पूछताछ के लिए आने के बाद केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में शामिल हुई है।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कुमार को तटस्थ स्थान शिलांग पर अपीयर होना चाहिए। अदालत ने कहा कि वह मुख्य सचिव और डीजीपी द्वारा प्रतिक्रिया फाइलों पर विचार करने के बाद पुलिस अधिकारियों की व्यक्तिगत उपस्थिति की मांग कर सकती है। यदि उपस्थिति की आवश्यकता होती है तो उन्हें 19 फरवरी तक सूचित कर दिया जाएगा।

CBI के लिए पेश अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने कहा कि पश्चिम बंगाल में अभूतपूर्व घटनाओं से पता चलता है कि संवैधानिक मशीनरी पूरी तरह से टूट गई है। CBI ने अदालत से राजीव कुमार को Saradha Chit Fund Case में जांच में सहयोग करने के लिए निर्देश देने की मांग की थी। CBI ने संदेह जताया था कि चिट फंड मामले में कोलकाता के शीर्ष पुलिस वाले सबूत नष्ट कर रहे हैं।

~Shravan Pandey

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