Odisha: दो बहनों के अदम्य साहस को सलाम! नदी में डूब रहे लोगों को बचाने के लिए मगरमच्छ वाले पानी में लगाई छलाँग

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महात्मा गांधी ने कहा था, “बहादुरी शरीर का गुण नहीं है। यह आत्मा का गुण है।” यह बात उन दो बहनों के परिपेक्ष्य में शब्दसः चरितार्थ होता है जिन्होंने महानदी नदी में डूबे एक नाव में सवार 10 लोगों को डूबने या फ़िर मगरमच्छ के मुँह में जाने से बचा लिया।

यह घटना 2 जनवरी को घटी जब सुष्मिता गिरी और पूर्णिमा गिरी नामक दो बहनों ने देखा कि एक नाव महानदी नदी में डूब रही थी। डूबते हुए लोगों की चीख़ पुकार सुनने के बाद दोनों बहनें बचाव के लिए दौड़ पड़ीं।

यह जानते हुए भी कि जिस जगह नाव डूब रही थी वह जगह गहरा था और वहां पर मगरमच्छ थे, उन बहनों ने उन लोगों को बचाने के लिए छलांग लगाने से परहेज़ नहीं किया। इस तरह ठंडे पानी में छलांग लगाकर उन दोनों बहनों ने महिलाओं और बच्चों समेत कुल 10 लोगों की जान बचा ली।

समाचार एजेंसियों को दिए गए एक बयान में, बहनों ने कहा कि वे निराश थीं क्योंकि वे सभी यात्रियों को बचाने में सक्षम नहीं थीं। इलाके के स्थानीय लोगों ने बहनों के इस साहस और बहादुरी की सराहना की है।

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