Padma Shri : ग़रीबी की वजह से छूट गई थी पढ़ाई, चायवाले की सीख

कहते हैं कि अग़र विश्वास के साथ नेक नीयत है तो सफलता भी मेहरबान होती है। आज हम उस शख्स की बात करेंगे जिसने कभी सोचा नहीं था कि एक दिन उसे देश के चौथे सबसे बड़े नागरिक सम्मान से सम्मानित किया जाएगा।Devarapalli Prakash Rao की कहानी लाखों युवाओं के लिए एक प्रेरणास्रोत है।

Devarapalli Prakash Rao एक बुजुर्ग हैं जो कटक सिटी के व्यस्त बक्सी बाज़ार इलाके में चाय का स्टॉल चलाते हैं। Devarapalli Prakash Rao 25 जनवरी को एक अस्पताल में थे तब उन्हें जिंदगी की सबसे बड़ी सरप्राइज मिली। रात के करीब साढ़े ग्यारह बजे उन्हें दिल्ली से एक फोन कॉल के जरिये सूचना दी गई कि सरकार ने उन्हें भारत के चौथे सबसे बड़े नागरिक सम्मान से सम्मानित किया है। इस सम्मान का नाम है पद्म श्री (Padma Shri). यह सम्मान उन्हें सामाजिक कार्य के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए दिया गया है।

Devarapalli Prakash Rao ने कहा, “कल लगभग 11:30 बजे, मुझे दिल्ली से फोन आया कि मुझे चौथे सबसे बड़े नागरिक पुरस्कार, पद्म श्री से सम्मानित किया जा रहा है। मैं इतने बड़े पुरस्कार के लायक नहीं हूं। लेकिन अगर लोग मेरे लिए इस पुरस्कार को चाहते हैं तो यह दूसरों के लिए एक प्रेरणा होगी।” राव ओडिशा के उन तीन व्यक्तियों में से एक हैं, जिन्हें इस वर्ष सम्मान प्राप्त हुआ। यह सम्मान एक चाय बेचने वाले के लिए एक बड़ी उपलब्धि थी, जिसे गरीबी के कारण 10वीं कक्षा पास करने से पहले स्कूल छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा था। बाद में उन्हें अपने पिता की चाय की दुकान विरासत में मिली और तब से वह इसे चला रहे हैं।

हालाँकि, 59 वर्षीय यह शख्स कोई साधारण चाय बेचने वाला नहीं है। सस्ती शिक्षा को बढ़ावा देने के प्रयासों के लिए पद्म श्री(Padma Shri) से सम्मानित Devarapalli Prakash Rao के पास 8 अलग-अलग भाषाओं की एक मजबूत कमान है। वह समाज के गरीब वर्गों के बच्चों की मदद करने के लिए अपने ज्ञान का उपयोग करते हैं। जब 2018 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कटक की यात्रा के दौरान उनसे मिले थे, तो उन्हें राव की पहल ने काफी प्रभावित किया था। यहां तक कि एक ‘मन की बात’ के दौरान प्रधानमंत्री ने उनके नाम का उल्लेख किया, जहां उन्होंने इस तरह की महत्वपूर्ण पहल करने के लिए उनकी प्रशंसा की थी।

राव, पीएम मोदी की प्रशंसा को जीवन में उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि मानते हैं। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने मेरे योगदान को समाज के लिए मान्यता दी है, यह मेरी सबसे बड़ी उपलब्धि है। विनम्र चाय विक्रेता Devarapalli Prakash Rao को उम्मीद है कि उनका पुरस्कार राष्ट्र के लाखों युवाओं के लिए एक सबक होगा। राव 1976 से एक सक्रिय रक्तदाता भी हैं। राव ने अंत में कहा कि यह उन युवाओं के लिए एक सबक होगा जो बड़ी व्यक्तित्व बनने का सपना देखते हैं। यदि आप अपने कर्तव्य को निभाने के लिए निरंतर प्रयास करते हैं, तो दुनिया आपको एक दिन पहचान लेगी।

uvayu.com Devarapalli Prakash Rao के इस महान उपलब्धि के उनकी भूरी भूरी प्रशंसा करता है। हम उम्मीद करते हैं कि Devarapalli Prakash Rao के इस उपलब्धि और उनके सीख के नक्शेकदम चलकर आने वाली पीढ़ी राष्ट निर्माण में सक्रिय योगदान देगी।

~Shravan Pandey

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