PM Modi Vs Ajay Rai: आखिरी पड़ाव पर चुनावी जंग, वाराणसी में पीएम मोदी के सामने अजय राय

लोकसभा चुनाव 2019 का जंग अपने आखिरी पड़ाव पर है। रविवार यानी 19 मई को लोकसभा चुनाव 2019 के सातवें चरण में मतदान होगा। इस आखिरी चरण में एक बड़ी हस्ती की शान दाव पर होगी। हम बात कर रहे हैं वाराणसी लोकसभा सीट की, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके खिलाफ कांग्रेस के उम्मीदवार अजय राय के बीच कड़ी टक्कर की संभावना है। जहां एक तरफ पीएम मोदी लोगों की जुबान पर हैं, तो वहीं दूसरी तरफ वाराणसी अजय राय का अपना घर है।

तो आइए एक नजर डालते हैं इस चुनावी जंग पर जहां पीएम मोदी और कांग्रेस के अजय राय आमने-सामने हैं

◆ आयु एवं शिक्षा:- पीएम मोदी की उम्र 68 साल है, जबकि अजय राय की उम्र 49 साल है। बात करें एजुकेशन कि तो पीएम मोदी ने गुजरात यूनिवर्सिटी से MA किया है। मगर उनकी डिग्री को लेकर विवाद खड़ा होता रहा है। वहीं दूसरी तरफ अजय राय ने महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ से ग्रेजुएशन किया है।

◆ आपराधिक मामले:- जब बात आती है आपराधिक मामलों कि तो पीएम मोदी की छवि अजय राय के मुकाबले काफी बेहतर है। क्योंकि आंकड़ों पर नजर डालें तो पीएम मोदी के खिलाफ एक भी क्रिमिनल केस नहीं है, जबकि अजय राय के खिलाफ 8 अपराधिक मामले दर्ज हैं।

◆ संपत्ति:- दोनों उम्मीदवारों की संपत्ति पर नजर डालें तो पता चलता है कि साल 2014 में पीएम मोदी के पास कुल 1.65 करोड़ की संपत्ति थी, जबकि अजय राय के पास 1.11 करोड़ की संपत्ति थी। लेकिन 2019 तक इन दोनों नेताओं की संपत्ति में इजाफा हुआ है। पीएम मोदी की संपत्ति 52 फ़ीसदी बढ़कर 2.51 करोड जबकि अजय राय की संपत्ति 25 फ़ीसदी बढ़कर 1.39 करोड रुपए हो गई है।

◆ MPLADS:- अगर बात करें सांसदों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले स्थानीय विकास के लिए फंड के इस्तेमाल कि तो पीएम मोदी ने इस फंड का 92.33% इस्तेमाल किया है, जबकि अजय राय के लिए इस संदर्भ में कोई आंकड़ा मौजूद नहीं है।

◆ पार्लियामेंट में अटेंडेंस, सवाल एवं डिबेट पार्टिसिपेशन:- पार्लियामेंट में अटेंडेंस की बात करें तो इन दोनों ही नेताओं की अटेंडेंस के आंकड़े मौजूद नहीं हैं। आपको बता दें कि प्रधानमंत्री के लिए इन आंकड़ों का कैलकुलेशन नहीं होता है। पार्लियामेंट में सवाल पूछने के संदर्भ में अगर आंकड़ों पर नजर डालें तो दोनों ही नेताओं के बारे में कोई आंकड़ा मौजूद नहीं है। डिबेट पार्टिसिपेशन की बात करें तो यहां पर भी दोनों ही नेताओं से जुड़ा ऐसा कोई आंकड़ा मौजूद नहीं है।

आपको बता दें कि पीएम मोदी के खिलाफ लड़ रहे अजय राय कभी भाजपा के ही नेता हुआ करते थे और भाजपा के कार्यकर्ता नारेबाजी किया करते थे कि ‘लड़ेगा तो अजय राय ही’। तो आज कहीं न कहीं ऐसा परिदृश्य बना है कि लड़ेगा तो अजय राय ही, क्योंकि पीएम मोदी जैसी बड़ी हस्ती के सामने चुनाव लड़ना सही मायने में इस नारे को सही साबित करता है। हार जीत अपनी जगह पर है, मगर जो चुनावी माहौल है वह वाकई देखने लायक है। अजय राय 1996 से लेकर 2009 तक भाजपा में रहे उसके बाद 2009 में उन्होंने समाजवादी पार्टी को ज्वाइन किया। 2012 से लेकर अब तक वह कांग्रेस के साथ जुड़े हुए हैं।

~Shravan Pandey

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