Pulwama Attack: जैमल सिंह के शहादत की खबर सुन बेहोश हो गई पत्नी

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आतंकियों ने 14 फरवरी को जिस कायराना वारदात को अंजाम दिया है उसमें किसी का भाई, तो किसी का पति, तो किसी का बेटा शहीद हो गया। वतन की रखवाली करने वाले इन जांबाज शेरों से बौखलाए आतंकियों ने घात लगाकर इस देश में दहशत का माहौल बनाना चाहा। सीआरपीएफ की जिस गाड़ी को निशाना बनाया गया वह गाड़ी पंजाब के एक ‘शेर’ शहीद जैमल सिंह के हाथ में थी। शहीद जैमल सिंह का जन्म पंजाब के मोगा जिले के कस्बा कोटइसेखां में 26 अप्रैल 1974 को हुआ था।

जैसे ही जैमल सिंह गाड़ी को लेकर पुलवामा पहुंचे थे कि आतंकी ने विस्फोटकों से भरी एसयूवी गाड़ी को बस से टक्कर मार दी। ये सब इतने जल्दी हुआ कि खुद जैमल सिंह को पता नहीं चला होगा कि ये क्या हो गया। एसयूवी को टकराते देर नहीं लगी कि CRPF जवानों से भरी उस बस के परखच्चे उड़ गए। धमाका इतना भीषण था कि घटनास्थल के दृश्य को देखकर रूह कांप जाएगी। उनके मौत की खबर पैतृक गाँव पहुच चुकी है।

घर पर जैसे ही जैमल सिंह के शहादत की सूचना आई उनकी पत्नी सुखजीत कौर बेहोश हो गईं। पति के शहादत की खबर सुनने के बाद उनका रो- रोकर बुरा हाल हो गया है। उनके मुंह से बार-बार एक ही बात निकल रही है कि जैमल को लाओ। जैमल के बेटे के सर से भी पिता का साया हट चुका है। बेटे की उम्र 6 साल है। बेटे के भी अरमान हैं, उन्हें पूरा कौन करेगा। बताया जाता है कि जैमल सिंह जब 19 साल के थे तभी CRPF में भर्ती हो गए थे।

कई दिन बाद जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग के खुलने के बाद CRPF का यह काफिला गुरुवार को तड़के करीब 3:30 बजे जम्मू से रवाना हुआ था। शाम तक उसके श्रीनगर पहुंचने की उम्मीद थी। मगर पहले से ही साजिश रचकर बैठे आतंकियों ने मंजिल तक नहीं पहुँचने दिया। श्रीनगर से 31 किलोमीटर दूर पुलवामा जिले के लेथपोरा इलाके में आत्मघाती हमलावर ने दोपहर बाद 3:16 बजे काफिले को निशाना बनाया।

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